Sunday, 24th June, 2018

उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम

भण्डारण निगम अधिनियम 1962 के तहत सरकार द्वारा स्थापित |

सामान्य विनियम

कृषि उत्पादन (विकास और भंडारण) निगम अधिनियम की धारा 54 के तहत निर्मितः

1. संक्षिप्त नाम तथा प्रारंभ:

  • इन नियमों को उ.प्र. राज्य भण्डारण निगम नियम 1961 कहा जाएगा।
  • ये विनियम राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होंगे।

2. परिभाषाएँ:

जब तक कि संदर्भ द्वारा अन्यथा अपेक्षित न हो, इन विनियमों में:

  • "अधिनियम" से अभिप्रेत, कृषि उत्पाद (विकास एवं भंडारण) निगम अधिनियम (1956 का 28) है।
  • "निदेशक मंडल" से अभिप्रेत, धारा 30 में निर्दिष्ट निगम के निदेशक मंडल है।
  • "अध्यक्ष" से अभिप्रेत निदेशक मंडल का अध्यक्ष है।
  • "निगम" से अभिप्रेत, अधिनियम की धारा 28 (1) के अंतर्गत स्थापित उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम है।
  • "कार्यकारी समिति" से अभिप्रेत, धारा 35 में निर्दिष्ट निगम की कार्यकारी समिति है।
  • "निदेशकों" से अभिप्रेत, निगम के निदेशकों से है।
  • "प्रबंध निदेशक" से अभिप्रेत, निगम के प्रबंध निदेशक से है।
  • "राज्य सरकार" से अभिप्रेत उत्तर प्रदेश सरकार से है।
  • "उप-समिति" से अभिप्रेत, निदेशक मंडल अथवा कार्यकारी समिति द्वारा नियुक्त की गई उप-समिति है, तथा
  • "वेतनभोगी अधिकारी" से अभिप्रेत भारत सरकार, उ. प्र. सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय स्टेट बैंक के वेतनभोगी अधिकारी है।

3. निदेशक मंडल और कार्यकारी समिति की बैठक:

  • निदेशक मंडल की बैठक सामान्य तौर पर प्रत्येक तीन माह में एक बार तथा कार्यकारी समिति बैठक हर दो महीने में कम से कम एक बार आयोजित की जाएगी।
  • साधारण तौर पर इस प्रकार की बैठकों के लिए कम से कम 10 दिनों की नोटिस दी जाएगी।
  • अध्यक्ष से प्राप्त निर्देशों के अंधीन, किसी आपात स्थिति में, प्रबंध निदेशक लघु नोटिस देकर बुला सकता है बशर्ते कि इस प्रकार की नोटिस निदेशकों के लिए समय पर बैठक में भाग लेने पर्याप्त होनी चाहिए।
  • निदेशक मंडल अथवा कार्यकारी समिति की बैठक, प्रबंध निदेशक द्वारा बुलाई जाएगी।बैठक की नोटिस, बैठक में होने वाले कारोबार के विवरण सहित समय, तिथि एवं स्थान निर्दिष्ट करते हुए प्रत्येक निदेशक को भेजी जाएगी। बैठक में, नोटिस में निर्दिष्ट गतिविधियों के अलावा अन्य कोई भी गतिविधि पीठासीन प्राधिकारी की अनुमति को बिना, सम्पादित नहीं की जायेगी।

4. पीठासीन प्राधिकारी:

अध्यक्ष अथवा उनकी अनुपस्थिति में प्रबंध निदेशक के अलावा, एक निदेशक जो निदेशकों द्वारा उनके बीच उपस्थित लोगों में से चुना गया हो निदेशक मंडल या कार्यकारी समिति जैसा भी मामला हो, की बैठक की अध्यक्षता करेगा।

5. बहुमत से निर्णय:

निदेशक मंडल या कार्यकारी समिति की बैठकों में निर्णय बहुमत द्वारा लिए जायेंगे। वोटों की बराबरी के मामले में पीठासीन अधिकारी का मत निर्णायक होगा।

6. गणपूर्ति:

निदेशक मंडल की बैठक के लिए गणपूर्ति पांच होगी जबकि कार्यकारी समिति की गणपूर्ति तीन होगी। यदि किसी बैठक में गणपूर्ति नहीं होती है, तो बैठक स्थगित कर दी जाएगी तथा स्थगित बैठक के एवज में नए सिरे से एक नोटिस जारी की जाएगी। स्थगित बैठक में, गणपूर्ति पूर्ण के लिए स्थगित बैठक के एजेंडे में केवल निर्दिष्ट गतिविधि ही सम्पादित की जायेगी। स्थगित बैठक के लिए कोई गणपूर्ति आवश्यक नहीं होगी।

7. बैठक का स्थान:

निदेशक मंडल और कार्यकारी समिति की एक बैठक लखनऊ में अथवा उत्तर प्रदेश में ऐसे अन्य सुविधाजनक स्थान पर आयोजित की जा सकेगी जैसाकि अध्यक्ष द्वारा नियत किया जा सकेगा।

8. बैठक विवरण पुस्तिका:

प्रबंध निदेशक, एक बैठक विवरण पुस्तिका तैयार करेगा जिसमे निदेशक मंडल की बैठकों का विवरण दर्ज किया जाएगा। वह, इसी प्रकार एक बैठक विवरण पुस्तिका तैयार करेगा जिसमे कार्यकारी समिति की बैठक की कार्यवाहियों को दर्ज किया जाएगा। बैठकों के बाद निदेशक मंडल के साथ ही साथ कार्यकारी समिति की बैठक का विवरण, जितनी जल्दी हो सके, सभी निदेशकों के बीच परिसंचरित किया जाएगा तथा निदेशक मंडल या कार्यकारी समिति की अगली बैठक के समक्ष, जैसा भी मामला हो, पुष्टि के लिए रखा जाएगा। कार्यकारी समिति की बैठकों का विवरण, निदेशक मंडल के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जायेगा। बैठक विवरण पर अध्यक्ष अथवा बैठक की अध्यक्षता करने वाले व्यक्ति का हस्ताक्षर होगा।

9. किसी निदेशक द्वारा हितों का प्रकटीकरण:

कोई भी निदेशक, (सिवाय किसी सांविधिक निकाय प्रतिनिधि के रूप में शामिल होने के), जो किसी भी तरह से, चाहे, प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से निगम के द्वारा अथवा की ओर से, किसी भी अनुबंध, ऋण अथवा व्यवस्था से सम्बद्ध है अथवा रुचि रखता है, प्रवेश करता है अथवा प्रवेश करने वाला है, तो वह निदेशक मंडल अथवा कार्यकारी समिति के समक्ष अपने व्यापार अथवा हित जैसा भी मामला हो, की प्रकृति का प्रकटीकरण नहीं करेगा तथा जिस समय इस प्रकार के अनुबंध ऋण या व्यवस्था पर विचार किया जा रह हो, कार्यकारी समिति के निदेशक मंडल की बैठक में भाग नहीं लेगा।

शेयरधारकों की सामान्य वार्षिक बैठक:

9क- सामान्य बैठक बुलाये जाने की नोटिस:

शेयरधारकों में से हर एक को, निगम के प्रबंध निदेशक अथवा सचिव द्वारा हस्ताक्षरित निगम के सामान्य बैठक की सूचना, बैठक के लिए नियत तिथि से कम से कम तीन सप्ताह पहले दी जाएगी।

आम वार्षिक बैठक की गतिविधियाँ:

9ख. (1) आम वार्षिक बैठक पर निम्नलिखित कार्य सम्पादित किये जाएगें:

  • ) निगम की लेखापरीक्षा रिपोर्ट के साथ वार्षिक लेखों को, वार्षिक सामान्य बैठक के समक्ष, जैसा कि निगम भण्डारण "अधिनियम" 1962 की धारा 31 की उप-धारा (10) द्वारा अपेक्षित हो, रखा जाएगा।
  • इस तरह की बैठक में मतदान के लिए पात्र ऐसे अन्य क्रियाकलाप जिसे शेयरधारकों द्वारा कम से कम पांच सप्ताह की नोटिस दी गई हो, इस तरह की नोटिस एक निश्चित संकल्प के रूप में बैठक में प्रस्तुत की जाएगी तथा बैठक की नोटिस में शामिल किया जाएगा।

 

9ख. (2)

अध्यक्ष की सहमति को छोड़कर कोई भी अन्य कार्यवाही निष्पादित अथवा विचारित नहीं की जाएगी।:

 

9ग. आम बैठक के अध्यक्षः

निगम के अध्यक्ष इस प्रकार की आम बैठक के अध्यक्ष होगे।

9घ (1) राज्य सरकार द्वारा मतदान:

(2) केन्द्रीय भण्डारण निगम द्वारा मतदान:

केंद्रीय भंडारण निगम का प्रबंध निदेशक केंद्रीय भंडारण निगम के किसी अधिकारी या किसी व्यक्ति को निगम की वार्षिक आम बैठक में उक्त केंद्रीय भंडारण निगम के प्रतिनिध के रूप में अधिकृत कर सकेगा और इस प्रकार अधिकृत व्यक्ति केंद्रीय भंडारण निगम की ओर ऐसी सभी शक्तियों का पयोग करने के लिए अधिकृत होगा जैसे कि वह निगम का व्यक्तिगत शेयरधारक हो। इस प्रकार का प्राधिकार दो वैकल्पिक प्रतिनिधियों के पक्ष में दिया जा सकेगा तथा लिखित रूप में केंद्रीय भंडारण निगम के प्रबंध निदेशक द्वारा हस्ताक्षरित होगा।ऐसा प्राधिकार, निगम के प्रबंध निदेशक अथवा सचिव के पास बैठक के लिए नियत समय से पूर्व जमा किया जाएगा।इस विनियमन के अंतर्गत दिए गए प्राधिकार के मामले में कार्यरत व्यक्ति को प्रतिनिधि नहीं समझा जाएगा।

  • राज्य सरकार, निगम की वार्षिक सामान्य बैठक में अपने प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने के लिए अपने अधिकारियों में से किसी को भी, एक लिखित आदेश द्वारा, प्राधिकृत कर सकती है और इस प्रकार अधिकार प्राप्त अधिकारी राज्य सरकार की ओर से उसी प्रकार की शक्तियों का प्रयोग करने का हकदार होगा मानो वह निगम का एक व्यक्तिगत शेयरधारक हो।इस प्रकार से प्राधिकार युक्त अधिकारी को प्रतिनिधि नहीं समझा जाएगा।
  • उपरोक्त उप-विनियम (i) के अंतर्गत दिए गए किसी भी आदेश की एक प्रति, बैठक के लिए नियत समय से पूर्व, प्रबंध निदेशक अथवा निगम के सचिव के पास जमा की जाएगी।
  • उपरोक्त उप-विनियम (ii) के अंतर्गत दिया गया आदेश, राज्य सरकार द्वारा बैठक के लिए नियत समय से पूर्व निरसन नोटिस जमा करके रद्द किया जा सकता है तथा उपरोक्त उप-विनियम (ii) द्वारा नियत समय सीमा के भीतर आदेश का विधिवत निरसन किसी भी प्रकार से, राज्य सरकार को दूसरा आदेश जारी करने तथा उसकी प्रति निगम के प्रबंध निदेशक अथवा सचिव के पास जमा की जाएगी।

9ङ सामान्य बैठक का विवरण:

  • निगम सामान्य बैठक की सभी कार्यवाहियों का विवरण इस प्रयोजन के लिए रखी गयी पुस्तकों में दर्ज किया जाएगा।
  • इस प्रकार का कोई भी विवरण, कार्यवाही की बैठक के अध्यक्ष द्वारा हस्ताक्षरित होने पर, अथवा अगली कार्यवाही की बैठक के अध्यक्ष द्वारा हस्ताक्षरित होने पर, इस प्रकार की कार्यवाही का साक्ष्य होगी।
  • जब तक विपर्यय सिद्ध न हो, कार्यवाही के संबंध में प्रत्येक आम बैठक जिसका विवरण दर्ज किया गया है को विधिवत बुलाया तथा आयोजित किया गया समझा जाएगा एवं उस स्थान पर होने वाली सभी कार्यवाहियाँ विधिवत समझी जायेंगी ।

उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम का प्रशासन

10. अध्यक्ष की शक्तियां:

निदेशक मंडल के नियंत्रण के अधीन, नियंत्रण एवं शासप प्राधिकार अध्यक्ष में निहित होगें। आपातकालीन स्थिति में अथवा शीघ्र कार्रवाई के लिए आवश्यक मामले के निदेशक मंडल की सामर्थ्य के भीतर अध्यक्ष कोई भी आदेश पारित कर सकेगा या कोई भी कार्यवाही कर सकेगा बशर्ते इस तरह पारित आदेश को निदेशक मंडल अथवा कार्यकारी समिति की अगली बैठक, जो भी पहले आयोजित हो, के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

11. प्रबंध निदेशक की शक्तियां और कर्तव्य:

  • प्रबंध निदेशक निगम का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होगा।वह निगम के प्रशासन व काम-काज के लिए उत्तरदायी होगा तथा अध्यक्ष एवं निदेशक मंडल के प्रति जवाबदेह होगा।
  • प्रबंध निदेशक चेयरमैन, निदेशक मंडल या कार्यकारी समिति द्वारा समय-समय पर जारी किए गए विशिष्ट या निहित निर्देशों के अनुसार निगम की ओर से समझौता या सामान्य कारोबार निष्पादित करने के लिए अधिकृत होगा तथा बोर्ड द्वारा समय-समय पर दिए जा सकने वाले निर्देशों के अधीन निगम के विरूद्ध वाद या कार्यवाही या निगम के बचाव पर निर्णय करने के लिए प्राधिकृत होगा।
  • निगम के सभी निधियों के संबंध में प्रबंध निदेशक, नियंत्रण व संवितरण अधिकारी के रूप में कार्य करेगा और खातों को निगम के निदेशक अथवा किसी भी अधिकारी, जो निदेशक मंडल द्वारा समय-समय पर इस निमित्त प्राधिकृत हैं, के साथ या तो अकेले या संयुक्त रूप से संचालित करेगा और निगम के वर्तमान और अधिकृत कारोबार में विनिमय पत्रों तथा अन्य उपकरणों को वापस, स्वीकार, तथा अनुमोदित करेगा तथा निगम की ओर से अन्य सभी लेखों, प्राप्तियों, और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करेगा।
  • प्रबंध निदेशक, निगम के कार्यालय को संगठित करेगा और निरीक्षण करेगा तथा नियुक्तियों, प्रोन्नतियों, सेवा से हटाये जाने एवं अन्य अनुशासनात्मक मामलों से सम्बन्धी व निगम में कार्यरत कर्मचारियों के लिए छुट्टी की मंजूरी, जैसा कि बोर्ड द्वारा इस संबंध में निहित किया गया हो, इस तरह की शक्तियों का प्रयोग करेगा, इस संबंध में बोर्ड और कर्मचारियों के सदस्यों के दायित्व आवंटन तथा इस तरह की अन्य व्यवस्थाओं, जैसा कि निगम के कार्यों के कुशल निर्वहन के लिए आवश्यक हो, सुनिश्चित करेगा।

12. निगम के प्रशासन पर खर्च होने वाली धनराशि:

निदेशक मंडल की पूर्व स्वीकृति से अध्यक्ष तथा जहाँ तक संभव हो सके निगम के प्रशासन पर होने खर्च होने वाली धनराशि को समय-समय पर निर्धारित करेगा।

13. निगम की सामान्य मुहर:

निगम की सामान्य मुहर निदेशक मंडल या कार्यकारी समिति के एक संकल्प के अनुसरण के अतिरिक्त तथा प्रबंध निदेशक और एक अन्य निदेशक की अनुपस्थिति के अतिरिक्त जो टोकन में उनकी उपस्थिति में प्रपत्र पर हस्ताक्षर करेगा तथा इस तरह के हस्ताक्षर करने के एक गवाह के रूप में प्रपत्र पर हस्ताक्षर करने वाले किसी भी व्यक्ति के हस्ताक्षर से स्वतंत्र होगा, किसी अन्य प्रपत्र पर नहीं लगायी जा सकेगी। उपरोक्त अनुसार निष्पादित न होने पर इस तरह के प्रपत्र की कोई वैधता नहीं होगी।

14. निगम पर बाध्यकारी अनुबंध, को निष्पादित किये जाने की प्रक्रिया:

निगम की ओर से अनुबंध निम्न रूप में किये जा सकते हैं:

  • निगम की ओर से कोई भी अनुबंध जो विधिक आवश्यकतानुसार लिखित रूप में किया जाना आवश्यक है जो व्यक्त या निहित होगा, तथा समान तरीके से परिवर्तित या तामील किया जा सकेगा, प्रबंध निदेशक द्वारा या निगम के अधिकार के तहत काम करने वाले किसी अन्य व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरकिया किया जाएगा।
  • कोई भी अनुबंध तभी मान्य होगा यदि पैरोल द्वारा बना हो, अपने अधिकार के अंतर्गत, व्यक्त अथवा निहित काम करने वाले किसी व्यक्ति द्वारा निगम की ओर से पैरोल के द्वारा बनाया गया हो तथा उसी तरीके से परिवर्तित या तामील किया गया हो।

15. सिफारिश आदि जिसके द्वारा हस्ताक्षर किया जाना है:

शिकायत, लिखित बयान, याचिकाएं, वकालत नामा, हलफनामा तथा कानूनी कार्यवाहियों से सम्बंधित अन्य दस्तावेजों को निगम की ओर से प्रबंध निदेशक या सचिव या इस संबंध में अधिकृत किसी भी व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित एवं सत्यापित किया जा सकेगा।

भंडारण निगम अधिनियम, 1962

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उत्तर प्रदेश

क्षेत्रीय कार्यालय:
18
अपने गोदाम:
110 गोदाम
किराए पर गोदाम:
14 गोदाम
पी ई जी रिजर्वेशन:
27 गोदाम
गोदाम की क्षमता:
25.18 (Lakh MT)
किराए पर गोदाम की क्षमता:
2.98 (Lakh MT)
पी ई जी गोदाम क्षमता:
11.35 (Lakh MT)
गोदामों के उपयोग का प्रतिशत:
84.59% (Lakh MT)
 
 
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